कौन हैं 'मानव कंप्यूटर' शकुंतला देवी जो चुटकियों में सॉल्व कर देती थीं गणित की पहेलियां

मानव कंप्यूटर (Human Computer) शकुंतला देवी पर बन रही फिल्म का पोस्टर जारी हो चुका है. फिल्म में विद्या बालन (Vidya Balan) शकुंतला देवी (Shakuntala Devi) का किरदार निभा रही हैं. शकुंतला देवी बचपन से ही अद्भुत प्रतिभा की धनी थीं.  वह बचपन से ही गणित के कठिन सवालों को बिना कागज कलम के हल कर लेती थीं. उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनका नाम 1982 में 'गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' में भी शामिल किया गया था. शकुंतला देवी  (Shakuntala Devi) का जन्म 4 नवंबर 1929 को बेंगलुरू में हुआ था. गरीब परिवार में जन्मी शकुंतला देवी ने कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली थी. उनके पिता सर्कस के कलाकार थे. शकुंतला देवी 3 वर्ष की उम्र में जब अपने पिता के साथ ताश खेल रही थीं तभी उनके पिता ने पाया कि उनकी बेटी में मानसिक योग्यता के सवालों को हल करने की क्षमता है.


शकुंतला ने 6 साल की उम्र में मैसूर विश्वविद्यालय में हुए एक कार्यक्रम में अपनी गणना क्षमता का प्रदर्शन किया. साल 1977 में शकुंतला ने 201 अंकों की संख्या का 23वां वर्गमूल बिना कागज कलम के 50 सेकंड में निकाला था. उनका उत्तर UNIVAC 1101 कंप्यूटर में देखने के लिये US ब्यूरो ऑफ स्टैण्डर्ड को विशेष प्रोग्राम तैयार करना पड़ा था. साल 1980 में उन्होंने 13 अंकों वाली 2 संख्याओं का गुणनफल 26 सेकंड में बता दिया था.


शकुंतला का सपना था कि वह एक गणित विश्वविद्यालय और शोध एवं विकास केंद्र खोलें जहां लोगों को गणित के सवालों को हल करने के लिए शोर्टकट्स और प्रभावशाली स्मार्ट तरीकों के बारे में बताया जा सके. उन्होंने कई किताबें लिखीं हैं, जिनमें 'दी वर्ल्ड ऑफ होमोसेक्सुअल', 'फन विद नंबर्स', 'एस्ट्रॉलॉजी फॉर यू', 'पज्ल टू पज्ल यू' और 'मैथाब्लिट' शामिल हैं.  


आपको बता दें कि 1980 में, उन्होंने मुंबई दक्षिण और तेलंगाना के मेदक से निर्दलीय चुनाल लड़ा था. मेदक में वह इंदिरा गांधी के खिलाफ खड़ी थी. शकुंतला देवी का निधन 21 अप्रैल 2013 को हआ था. साल 2014 में उनके जन्मदिवस के मौके पर गूगल ने डूडल बनाया था.